Agra Accident News: आगरा के मधुनगर में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में कक्षा नौ की छात्रा रिया की मौत हो गई। कोचिंग जाने के लिए स्कूटी से निकली रिया को गिट्टी से लदे तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद छात्रा स्कूटी समेत डंपर के अगले पहिए में फंस गई। करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला गया, लेकिन एसएन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। रिया डॉक्टर बनना चाहती थी। हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने वाहन कब्जे में लेकर उसकी तलाश शुरू कर दी है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सुबह 7 से 9 बजे तक भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
- Agra News: कोचिंग जाने के लिए निकली थी रिया, रास्ते में मौत बनकर आया डंपर
- मधुनगर के आरएमओ चौराहे पर हुआ दर्दनाक हादसा
- 30 मिनट तक डंपर के पहिए में फंसी रही छात्रा
- डंपर पर लिखा था PWD, गिट्टी से भरा था वाहन; चालक फरार
- डॉक्टर बनना चाहती थी रिया, परिवार की उम्मीदों पर टूटा दुखों का पहाड़
- सुबह 7 से 9 बजे तक भारी वाहनों पर रोक लगाने की मांग
- रिया की मौत ने फिर उठाए सड़क सुरक्षा पर सवाल
Agra News: कोचिंग जाने के लिए निकली थी रिया, रास्ते में मौत बनकर आया डंपर
आगरा। आंखों में डॉक्टर बनने का सपना और परिवार की उम्मीदें लेकर घर से निकली कक्षा नौ की छात्रा रिया को अंदाजा भी नहीं था कि बुधवार की सुबह उसकी जिंदगी की आखिरी सुबह साबित होगी। रोजाना की तरह स्कूटी से कोचिंग जाने के लिए निकली रिया को मधुनगर में तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि वह स्कूटी समेत डंपर के अगले पहिए के नीचे फंस गई।
सुबह करीब आठ बजे हुए इस हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने छात्रा को बचाने की कोशिश की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भी लोगों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद रिया को डंपर के नीचे से बाहर निकाला जा सका।
गंभीर हालत में उसे एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बेटी की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
मधुनगर के आरएमओ चौराहे पर हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के मुताबिक, सेवला जाट निवासी उमेश की बेटी रिया कक्षा नौ में पढ़ती थी। बुधवार सुबह वह रोजाना की तरह अपनी स्कूटी लेकर कोचिंग के लिए घर से निकली थी।
सुबह करीब आठ बजे वह थाना सदर क्षेत्र के मधुनगर स्थित आरएमओ चौराहे के पास पहुंची थी। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे गिट्टी से लदे डंपर ने उसकी स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर लगते ही रिया स्कूटी समेत सड़क पर गिर गई और डंपर के अगले पहिए के नीचे फंस गई। भारी वाहन की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
हादसे का दृश्य देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। दुकानदार और राहगीर तत्काल छात्रा को बचाने के लिए दौड़े।
30 मिनट तक डंपर के पहिए में फंसी रही छात्रा
हादसे के बाद रिया डंपर के अगले पहिए के नीचे स्कूटी समेत फंस गई थी। उसे बाहर निकालना आसान नहीं था। स्थानीय लोगों ने तत्काल मदद शुरू की और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही थाना सदर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर छात्रा को बाहर निकालने का प्रयास किया। करीब 30 मिनट तक चले रेस्क्यू के बाद रिया को डंपर के नीचे से बाहर निकाला जा सका।
इसके बाद उसे बिना देरी किए एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंचाया गया। लेकिन गंभीर चोटों के चलते डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।
जिस समय लोग रिया को बचाने की कोशिश कर रहे थे, उस दौरान घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई थी।
डंपर पर लिखा था PWD, गिट्टी से भरा था वाहन; चालक फरार
हादसे में शामिल डंपर गिट्टी से भरा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वाहन पर PWD लिखा हुआ था।
हादसे के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने डंपर को अपने कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।
एसीपी सदर अमीषा ने बताया कि हादसे में शामिल डंपर को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। वाहन पर पीडब्ल्यूडी लिखा हुआ था और उसमें गिट्टी भरी हुई थी। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश की जा रही है। छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
डॉक्टर बनना चाहती थी रिया, परिवार की उम्मीदों पर टूटा दुखों का पहाड़
रिया के परिजनों के मुताबिक, वह पढ़ाई में काफी होशियार थी और भविष्य में डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती थी। परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। उसकी पढ़ाई और भविष्य को लेकर घर में कई सपने संजोए जा रहे थे।
लेकिन मधुनगर में हुए सड़क हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। जिस बेटी को परिवार पढ़ा-लिखाकर डॉक्टर बनाना चाहता था, उसकी असमय मौत से परिजन पूरी तरह टूट गए हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज में बेटी की मौत की खबर सुनकर मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। रिया की मौत से सेवला जाट और आसपास के इलाके में शोक का माहौल है।
सुबह 7 से 9 बजे तक भारी वाहनों पर रोक लगाने की मांग
रिया की मौत के बाद मधुनगर और ग्वालियर रोड क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
लोगों का कहना है कि सुबह के समय बड़ी संख्या में बच्चे स्कूल और कोचिंग के लिए घरों से निकलते हैं। ऐसे में इस मार्ग पर तेज रफ्तार से गुजरने वाले भारी वाहन बच्चों और अन्य राहगीरों के लिए खतरा बन रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि फल मंडी के पास सौ फुटा कोठी मोड़ पर पहले भी कई सड़क हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद भारी वाहनों की रफ्तार और आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था नहीं दिखाई दे रही है।
लोगों ने प्रशासन और यातायात पुलिस से प्रमुख मांगें उठाई हैं:
- सुबह 7 से 9 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए।
- गिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री लेकर चलने वाले डंपरों की गति नियंत्रित की जाए।
- स्कूल और कोचिंग जाने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष यातायात व्यवस्था बनाई जाए।
- दुर्घटना संभावित स्थानों पर यातायात पुलिस की तैनाती की जाए।
- नियमों का उल्लंघन करने वाले भारी वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
रिया की मौत ने फिर उठाए सड़क सुरक्षा पर सवाल
मधुनगर में कक्षा नौ की छात्रा की मौत ने एक बार फिर शहर की यातायात व्यवस्था और भारी वाहनों की आवाजाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुबह का समय बच्चों के स्कूल और कोचिंग जाने का होता है। ऐसे में रिहायशी और व्यस्त इलाकों से गुजरने वाले भारी वाहनों की गति और उनके संचालन पर विशेष निगरानी जरूरी है।
अब देखना होगा कि रिया की मौत के बाद प्रशासन और यातायात पुलिस भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर क्या कदम उठाते हैं। स्थानीय लोगों की सुबह 7 से 9 बजे तक प्रतिबंध लगाने की मांग पर प्रशासन क्या निर्णय लेता है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
एक होनहार छात्रा की मौत ने परिवार का सपना तोड़ दिया है। अब सवाल सिर्फ हादसे की जांच का नहीं, बल्कि उन सड़कों को सुरक्षित बनाने का भी है, जहां से हर सुबह हजारों बच्चे अपने भविष्य के सपने लेकर निकलते हैं।
