आगरा में रिवर कनेक्ट कैंपेन ने यमुना आरती स्थल पर झुनझुना दिवस मनाकर नदी की बदहाली के खिलाफ प्रदर्शन किया। बृज खंडेलवाल ने बैराज निर्माण और यमुना में स्वच्छ पानी के प्रवाह की मांग उठाई।
- झुनझुना बजाकर जताया सरकारी बेरुखी के खिलाफ विरोध
- बृज खंडेलवाल बोले- यमुना में सालभर हो ताजे पानी का प्रवाह
- अगले विधानसभा चुनाव से पहले बैराज निर्माण शुरू होने की उम्मीद
- आयोजकों ने कहा- झुनझुना दिवस उत्सव नहीं, लोकतांत्रिक विरोध है
- कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा
- विशेष यमुना आरती के साथ कार्यक्रम का समापन
आगरा। दिवाली से पहले जहां पूरा शहर त्योहार की तैयारियों में जुटा है और बाजारों में रौनक दिखाई दे रही है, वहीं आगरा में यमुना नदी की बदहाली को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। रिवर कनेक्ट कैंपेन के सदस्यों ने यमुना आरती स्थल पर ‘झुनझुना दिवस’ मनाकर जनप्रतिनिधियों और सरकारी तंत्र का ध्यान नदी की दुर्दशा की ओर आकर्षित किया।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने झुनझुने बजाकर प्रतीकात्मक विरोध जताया और नारा लगाया- “आगरा को क्या मिला? झुनझुना, झुनझुना!” प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्षों से यमुना के पुनर्जीवन की मांग उठाई जा रही है, लेकिन घोषणाओं और आश्वासनों के बावजूद नदी की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
झुनझुना बजाकर जताया सरकारी बेरुखी के खिलाफ विरोध
रिवर कनेक्ट कैंपेन, आगरा के सदस्यों ने 1 नवंबर को यमुना आरती स्थल पर एकत्रित होकर झुनझुने बजाए। आयोजकों ने इसे जनप्रतिनिधियों को उनकी जिम्मेदारियां याद दिलाने का प्रतीकात्मक तरीका बताया।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि दिवाली पर शहर में उत्सव और रोशनी की तैयारियां हो रही हैं, लेकिन आगरा की जीवनरेखा मानी जाने वाली यमुना नदी बदहाली से जूझ रही है। नदी में स्वच्छ पानी का पर्याप्त प्रवाह नहीं है और प्रदूषण की समस्या लगातार चिंता का विषय बनी हुई है।
बृज खंडेलवाल बोले- यमुना में सालभर हो ताजे पानी का प्रवाह
रिवर कनेक्ट कैंपेन के संयोजक बृज खंडेलवाल ने कहा कि संगठन लंबे समय से यमुना नदी के पुनर्जीवन की मांग उठा रहा है। उन्होंने कहा कि यमुना को बचाने के लिए केवल घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जमीन पर ठोस काम करने की जरूरत है।
उन्होंने सरकार और संबंधित विभागों के सामने प्रमुख मांगें रखीं।
- यमुना में सालभर ताजे पानी का अविरल प्रवाह सुनिश्चित किया जाए।
- ताजमहल के डाउनस्ट्रीम में बैराज का निर्माण कराया जाए।
- नदी की तलहटी में जमा गाद और गंदगी हटाकर सफाई कराई जाए।
- यमुना नदी बेसिन की सहायक नदियों का संरक्षण किया जाए।
- साबरमती नदी मॉडल की तर्ज पर आगरा में रिवरफ्रंट का विकास किया जाए।
बृज खंडेलवाल ने कहा कि यमुना की बदहाली को लेकर अनेक बार आवाज उठाई गई है, लेकिन सरकारी विभागों और राजनीतिक नेतृत्व की ओर से अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई दे रही है। यह स्थिति आगरा के नागरिकों के लिए चिंता और पीड़ा का विषय है।
अगले विधानसभा चुनाव से पहले बैराज निर्माण शुरू होने की उम्मीद
कार्यक्रम में डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने उम्मीद जताई कि अगले विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की भाजपा सरकार यमुना पर बैराज निर्माण का काम शुरू करेगी।
उन्होंने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं है, बल्कि पूरे ब्रज मंडल की जीवनरेखा और प्राकृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके संरक्षण के लिए समयबद्ध और ठोस कदम उठाना जरूरी है।
उन्होंने यमुना के पुनर्जीवन को लेकर जनभागीदारी और राजनीतिक इच्छाशक्ति को भी महत्वपूर्ण बताया।
आयोजकों ने कहा- झुनझुना दिवस उत्सव नहीं, लोकतांत्रिक विरोध है
रिवर कनेक्ट कैंपेन के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि झुनझुना दिवस किसी त्योहार या मनोरंजन का हिस्सा नहीं है। यह जनप्रतिनिधियों को उनके चुनावी वायदों और सार्वजनिक जिम्मेदारियों की याद दिलाने का शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रयास है।
आयोजकों ने कहा कि आगरा की जनता को केवल आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि यमुना में स्वच्छ पानी और नदी के वास्तविक पुनर्जीवन की जरूरत है।
कार्यक्रम के दौरान सदस्यों ने एक स्वर में संदेश दिया- आगरा को आश्वासन नहीं, यमुना को पानी चाहिए।
कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा
झुनझुना दिवस कार्यक्रम में डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य, डॉ. हरेंद्र गुप्ता, चतुर्भुज तिवारी, मीरा खंडेलवाल, डॉ. ज्योति खंडेलवाल, विशाल झा, राकेश गुप्ता, जगन प्रसाद तेहरिया, पंडित जुगल किशोर, अभिनव, डॉ. मुकुल पंड्या, पद्मिनी अय्यर, शशिकांत उपाध्याय, रंजन शर्मा, मुकेश चौधरी और दिनेश शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।
विशेष यमुना आरती के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय ने विशेष यमुना आरती कराई। इसके बाद उपस्थित सदस्यों ने यमुना नदी के पुनर्जीवन और ब्रज की प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के लिए अपना संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया कि यमुना का संरक्षण केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि आगरा और पूरे ब्रज क्षेत्र के भविष्य से जुड़ा विषय है।
