आगरा। कमला नगर थाने के हिस्ट्रीशीटर नंबर B-6 बताए जा रहे मोटा उर्फ फरमान की गिरफ्तारी न होने को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि फरमान के खिलाफ शहर के कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं और वह कई मामलों में वांछित है। इसके बावजूद अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कई मुकदमों में नाम सामने आने के बावजूद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी के प्रयासों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कई बार दबिश के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने का दावा
सूत्रों के हवाले से आरोप लगाया जा रहा है कि आरोपी की तलाश में दबिश के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस प्रभावी तरीके से कार्रवाई करे तो आरोपी की गिरफ्तारी हो सकती है।
लोगों ने सवाल उठाया है कि कई थानों में मुकदमे दर्ज होने और हिस्ट्रीशीटर के रूप में चिह्नित बताए जाने के बावजूद उसकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हो पा रही है। हालांकि, पुलिस की ओर से अब तक की गई दबिश, तलाश और अन्य कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
न्यू आगरा, कमला नगर और हरीपर्वत थाने के मुकदमों का उल्लेख
उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, मोटा उर्फ फरमान के विरुद्ध आगरा के थाना न्यू आगरा, थाना कमला नगर और थाना हरीपर्वत में वर्ष 2015 से 2026 तक कुल 23 मुकदमे दर्ज होने का उल्लेख है। इनमें न्यू आगरा थाने के 8, कमला नगर थाने के 14 और हरीपर्वत थाने का 1 मुकदमा शामिल है। सूची में गुंडा एक्ट से संबंधित एक मामला भी दर्ज बताया गया है।
पुलिस की कार्रवाई पर स्थानीय लोगों के सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में पुलिस को प्रभावी कार्रवाई कर कानून-व्यवस्था के प्रति भरोसा कायम करना चाहिए। उनका सवाल है कि यदि आरोपी कई मामलों में वांछित है तो उसकी गिरफ्तारी के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं?
