सुमित गर्ग संवाददाता खेरागढ़,
51 कलश लेकर निकलीं महिलाएं, फूलों की वर्षा से हुआ स्वागत
भक्ति, श्रद्धा और उत्साह के बीच शुरू हुआ नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव
संवाददाता, खेरागढ़। कस्बे के ब्रजधाम उदासीन आश्रम, पुल वाले हनुमान मंदिर पर सोमवार को भव्य कलश यात्रा के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव एवं नौ दिवसीय श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हो गया। कलश यात्रा में महिलाओं, युवतियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पूरे नगर में भक्तिमय माहौल बना रहा।
सुबह भरी बारिश के बीच बैंड-बाजों और गाजे-बाजे के साथ निकली कलश यात्रा में पीतांबर वस्त्र धारण किए महिलाओं एवं युवतियों ने सिर पर 51 कलश रखकर नगर भ्रमण किया। यात्रा ब्रजधाम उदासीन आश्रम से शुरू होकर कस्बे के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुनः कथा स्थल पर पहुंची। यात्रा के दौरान परीक्षित पूज्य मुनिशानंद जी महाराज उदासीन सिर पर श्रीरामचरितमानस रखकर नंगे पांव चलते रहे, जबकि आचार्य ऋषि कृष्ण महाराज सुसज्जित बग्घी पर विराजमान रहे।

कलश यात्रा का कस्बे के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। कई स्थानों पर जलपान एवं फल वितरण की व्यवस्था भी की गई। यात्रा के समापन के बाद कथा पंडाल में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ।
ब्रजधाम उदासीन आश्रम के महंत प्रकाशानंद जी महाराज ने बताया कि कार्यक्रम श्री श्री 1008 स्वामी ब्रजानंद जी महाराज अवधूत के पावन सानिध्य में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 20 से 29 जुलाई तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ एवं धार्मिक अनुष्ठान होंगे। 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पूर्णाहुति एवं दोपहर 12 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

कथा के प्रथम दिवस आचार्य ऋषि कृष्ण महाराज ने रामचरितमानस के महात्म्य का वर्णन करते हुए सती चरित्र का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा का श्रवण मनुष्य के मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है। चातुर्मास के चार माह भजन, ध्यान, जप और योग साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ माने गए हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर अपने जीवन को धर्म और संस्कारों से जोड़ने का आह्वान किया।

