आगरा: आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर चार में एक गंभीर हादसा हुआ, जब निर्माणाधीन चार दुकानों की छत और दीवार भरभराकर गिर गई। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य सात घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह घटना उस समय हुई जब दुकानों का निर्माण कार्य चल रहा था और छत में गर्डर-पत्थर का पटाव किया जा रहा था।
घटना के समय चार दुकानों का निर्माण कार्य चल रहा था। अचानक एक दीवार ढह गई और छत भी भरभराकर गिर पड़ी। इस मलबे में काम कर रहे नौ लोग दब गए थे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया। बाद में पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और मलबे से सभी दबे हुए लोगों को बाहर निकाला। सभी को तत्काल अस्पताल भेजा गया, लेकिन दो घायलों की हालत गंभीर थी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
सुरक्षाकर्मी और नागरिकों ने घटना के तुरंत बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने भी त्वरित बचाव कार्य शुरू किया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मलबे से सभी नौ लोगों को निकालकर अस्पताल भेजा। हालांकि, दो घायलों की गंभीर स्थिति के कारण उनकी मौत हो गई, जबकि अन्य का इलाज जारी है।
शराब के ठेके पर मौजूद लोग भी मलबे की चपेट में आए
हादसे के समय शराब का ठेका भी इस बिल्डिंग के पास था और वहां कई लोग मौजूद थे। इनमें से कई मलबे की चपेट में आ गए और घायल हो गए। इस घटना के बाद आसपास के लोग भी घबराए हुए थे और बचाव कार्य में जुटे हुए थे।
घटना की जानकारी मिलते ही केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। मंत्री ने घायलों के परिवारों से बात की और उन्हें हर संभव मदद का वादा किया। इसके अलावा, प्रशासन ने इस हादसे की जांच शुरू कर दी है कि क्या यह निर्माण वैध था या अवैध तरीके से दुकानों का निर्माण हो रहा था।
हादसे के बाद यह सवाल उठता है कि क्या इन दुकानों का निर्माण वैध तरीके से हुआ था या अवैध तरीके से। क्या निर्माण के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था? खासतौर पर यह सवाल उठता है कि पुलिस चौकी के पास स्थित इस निर्माण कार्य को लेकर क्या कार्रवाई की गई थी। अगर यह अवैध निर्माण था, तो पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने समय रहते इस पर क्यों ध्यान नहीं दिया?
इस दर्दनाक हादसे ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि क्या निर्माण कार्य की निगरानी ठीक से हो रही थी और क्या स्थानीय प्रशासन ने समय रहते उचित कदम उठाए थे। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं ताकि हादसे के कारणों का पता चल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।