सुमित गर्ग ब्यूरो चीफ,
खेरागढ़। उपजिलाधिकारी ऋषि राव के हापुड़ स्थानांतरण की सूचना मिलते ही खेरागढ़ क्षेत्र में भावुक माहौल बन गया। क्षेत्रवासियों ने उनके कार्यकाल को याद करते हुए विशेष रूप से ऊंटगन नदी में मूर्ति विसर्जन के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में उनकी संवेदनशील और सक्रिय भूमिका की सराहना की।
ग्रामीणों के अनुसार, हादसे की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी ऋषि राव तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की कमान संभाल ली। उन्होंने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, गोताखोरों और अन्य बचाव दलों के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान को गति दी। कई दिनों तक लगातार घटनास्थल पर डटे रहकर उन्होंने खोज एवं राहत कार्यों की निगरानी की और हर संभव प्रयास सुनिश्चित किए।
पीड़ित परिवारों ने बताया कि संकट की उस घड़ी में ऋषि राव ने न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाई, बल्कि परिजनों का ढांढस भी बंधाया। उन्होंने राहत कार्यों की लगातार समीक्षा की और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया।

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अपने कार्यकाल में ऋषि राव ने जनसमस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहे। उनकी सादगी, संवेदनशीलता और जनहित के प्रति समर्पित कार्यशैली ने उन्हें लोगों के बीच लोकप्रिय बनाया।
स्थानांतरण की खबर के बाद क्षेत्रवासियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि खेरागढ़ में उनका कार्यकाल, विशेषकर ऊंटगन नदी हादसे के दौरान दिखाई गई नेतृत्व क्षमता और मानवीय संवेदनशीलता, लंबे समय तक याद रखी जाएगी।
