नोटिस के बाद भी नहीं हटाया कब्जा, प्रशासन ने दिखाई सख्ती
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई, अब वसूला जाएगा ध्वस्तीकरण का खर्च
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई, अब वसूला जाएगा ध्वस्तीकरण का खर्च
जैथरा (एटा)। सरकारी जमीन पर कब्जा जमाकर निर्माण करने वालों पर सोमवार को प्रशासन का बुलडोजर कहर बनकर टूटा। जैथरा थाने के सामने बांदूपुरा तिराहे पर सड़क की सरकारी भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया। करीब एक घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान राजस्व टीम के साथ जैथरा पुलिस में मौजूद रही। कार्रवाई पूरी होने के बाद नगर पंचायत ने मलबा हटवाकर सरकारी जमीन को कब्जामुक्त करा दिया। अब अवैध कब्जाधारक से ध्वस्तीकरण में आए पूरे खर्च की भी वसूली की जाएगी।
जिलाधिकारी अरविंद सिंह के निर्देश पर सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने के अभियान के तहत यह बड़ी कार्रवाई की गई। शिकायत मिलने पर पहले निर्माण कार्य रुकवाया गया और राजस्व विभाग ने पैमाइश कराई। जांच में सड़क की 9.25 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा पाया गया। इसके बाद नगर पंचायत ने कब्जाधारक वीरेंद्र सिंह चौहान को दो दिन के भीतर कब्जा हटाने का नोटिस दिया, लेकिन चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया गया।
सोमवार को एसडीएम जगमोहन गुप्ता के निर्देश पर एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट वरुण कुमार, नायब तहसीलदार सतीश चंद्र और ईओ कृष्णप्रताप सरल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। दोबारा सरकारी भूमि का चिन्हांकन कराया गया और बुलडोजर ने अवैध निर्माण को देखते ही देखते मलबे में बदल दिया। कार्रवाई के दौरान अधिकारी तेज धूप में भी मौके पर डटे रहे और पूरे अभियान की निगरानी करते रहे।
प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप मच गया है। नगर पंचायत ने साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को न सिर्फ कब्जा हटाना पड़ेगा, बल्कि कार्रवाई में आए खर्च की भी भरपाई करनी होगी।
एसडीएम जगमोहन गुप्ता ने दो टूक कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ बुलडोजर की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। किसी भी कीमत पर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
