एटा: अलीगंज- अलीगंज क्षेत्र के प्रसिद्व गौतम बुद्व इण्टर कॉलेज में व्यवसायीकरण कर बनाई गई दुकानों पर जिलाधिकारी द्वारा की गई कार्यवाही अब ठण्डे बस्ते में होती दिखाई दे रही है। अनुमति निरस्त होने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा प्रबंधक के विरूद्व संस्था में व्यक्तिगत लाभ के उददेश्य से गबन एवं संस्था को वित्तीय हानि पहुंचाने की प्राथमिकी दर्ज करवा दी गई थी और सभी निर्माण कार्यों को रोक दिया गया था। हालांकि जिला विद्यालय निरीक्षक आगे भी कार्यवाही करने की बात कह रहे है।
विदित हो कि गौतम बुद्व इण्टर कॉलेज में विद्यालय की आय बढाने के उददेश्य से जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने विद्यालय की खाली भूमि पर नियमानुसार 33 दुकानों को बनाने की अनुमति प्रदान की थी, लेकिन विद्यालय प्रबंधक द्वारा मानकों को दरकिनार कर स्वयं को लाभ पहुंचाने के उददेश्य से विद्यालय में बनी एक दर्जन से अधिक कक्षाओं के कमरों तोड दिया गया था। जब मामला समाचार पत्र अग्र भारत में प्रकाशित हुआ तो अधिकारियों ने जांच करवाई थी। जांच में बहुत सी खामियां पाई थी। जिसके उपरान्त जिलाधिकारी द्वारा दुकानों को बनाने के लिए दी गई अनुमति को निरस्त करते हुए जिम्मेदारों के विरूद्व कार्यवाही के निर्देश दिए थे।
जिला विद्यालय निरीक्षक इन्द्रजीत सिंह द्वारा आनन-फानन में प्रबंधक रामगोपाल शाक्य के विरूद्व प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी। अनुमति निरस्त होने के बाद इन अवैध हुई दुकानों पर कोई भी कार्यवाही नहीं हुई।
प्रधानाचार्य की भूमिका पर उठ रहे हैं सवाल
गौतम बुद्व इण्टर कॉलेज में जिस समय कमरों को तोडा जा रहा था उस समय प्रधानाचार्य रजनीश गौतम मौजूद थे। लोग सवाल उठा रहे है कि विद्यालय के भवन टूटते रहे और प्रधानाचार्य मौन रहे। लोग प्रधानाचार्य की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। जबकि जिलाधिकारी द्वारा दी गई अनुमति में दुकानों के निर्माण में कई जिम्मेदारियां सौंपी गई थी। नागरिक कहे रहे हैं कि प्रधानाचार्य ने उक्त मामले को उच्चाधिकारियों के समक्ष क्यों नहीं रखा।
कार्यवाही जरूर होगी ?
जिला विद्यालय निरीक्षक इन्द्रजीत सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जांच धीमे जरूर चल रही है, लेकिन कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। वह जल्द ही अलीगंज आकर महत्वपूर्ण बिन्दुओं की जांच करेंगे।
