आगरा के नगला पदी में खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापेमारी कर 400 लीटर संदिग्ध सरसों का तेल सीज किया। सहायक आयुक्त महेंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में शहर भर से मिठाइयों, दूध और पनीर के 16 नमूने एकत्र किए गए।
आगरा | डिजिटल डेस्क: आगामी त्योहारों और उत्सवी सीजन को ध्यान में रखते हुए आगरा में मिलावटखोरों और असमाजिक खाद्य कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (Food Safety and Drug Administration) विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सहायक आयुक्त (खाद्य) महेंद्र श्रीवास्तव के कुशल नेतृत्व में चलाई गई इस विशेष मुहीम के दौरान दयालबाग क्षेत्र के नगला पदी में छापेमारी कर भारी मात्रा में संदिग्ध सरसों का तेल सीज किया गया है। इसके अलावा शहर के प्रमुख प्रतिष्ठानों से मिठाइयों, दूध, खोआ और पनीर के कई नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए हैं।
नगला पदी में 400 लीटर संदिग्ध सरसों तेल सीज
खाद्य विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि नगला पदी क्षेत्र में मिलावटी और असुरक्षित सरसों के तेल का कारोबार किया जा रहा है। सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने नगला पदी (दयालबाग) स्थित राजकुमार के प्रतिष्ठान पर अचानक छापेमारी की।
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सीज की गई खेप: मौके पर मिलावट की प्रबल आशंका के चलते 400 लीटर संदिग्ध सरसों का तेल सीज कर दिया गया।
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अनुमानित कीमत: सीज किए गए सरसों के तेल की कुल अनुमानित कीमत करीब 72,000 रुपये बताई जा रही है।
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नमूना संकलन: सीज किए गए तेल का एक नमूना तत्काल सीलबंद कर प्रयोगशाला (Lab Analysis) में परीक्षण के लिए भेज दिया गया है।
शहर के प्रसिद्ध मिष्ठान भंडारों व डेयरियों पर भी रेड, 16 नमूने संकलित
केवल तेल ही नहीं, बल्कि त्योहारों पर भारी मांग में रहने वाली मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों में मिलावट को रोकने के लिए विभाग ने शहर भर के विभिन्न बाजारों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान कुल 16 नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे गए।
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मिठाइयों के नमूने: शहर के कई नामी मिठाई प्रतिष्ठानों से बूंदी के लड्डू, पेड़ा, खोआ, आटा लड्डू और बालूशाही के सैम्पल लिए गए।
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डेयरी उत्पाद: ‘हिंदुस्तान डेयरी’ से पनीर का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया।
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अन्य सामग्रियां: बाजार से दूध और खोआ के अन्य संदिग्ध नमूनों को भी जांच की परिधि में लाया गया है।
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लैब रिपोर्ट फेल आने पर दर्ज होगी FIR, कठोर विधिक कार्रवाई तय
अभियान का नेतृत्व कर रहे सहायक आयुक्त खाद्य महेंद्र श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी मिलावटखोर को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रयोगशाला से परीक्षण रिपोर्ट (Testing Report) प्राप्त होने के बाद जिन भी प्रतिष्ठानों या खाद्य कारोबारियों के नमूने ‘फेल’ (Unsafe or Adulterated) पाए जाएंगे, उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI Act) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिक दर्ज कर दुकानें भी बंद कराई जाएंगी।
