चित्रकूट। दीपावली अमावस्या मेला-2026 में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं को सुरक्षित आवागमन, सुगम यातायात और बेहतर जनसुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मेला क्षेत्र में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन ने वाहनों की पार्किंग, श्रद्धालुओं के ठहरने, पैदल आवागमन और बिछड़े हुए लोगों को उनके परिजनों से मिलाने के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित किए हैं।
- 16 स्थानों पर होगी वाहनों की पार्किंग व्यवस्था
- पार्किंग तक पहुंचने के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित
- श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए छह रैन बसेरों की व्यवस्था
- बिछड़े हुए लोगों की मदद के लिए छह खोया-पाया केंद्र
- यातायात और जनसुविधाओं पर प्रशासन का विशेष फोकस
- जिला प्रशासन की श्रद्धालुओं से अपील
- सुरक्षित और व्यवस्थित मेला आयोजन की तैयारी
मेला क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए P1 से P16 तक कुल 16 पार्किंग स्थल चिह्नित किए गए हैं। वहीं, श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए R1 से R6 तक छह रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मेले में किसी कारणवश परिजनों से बिछड़ने वाले श्रद्धालुओं की सहायता के लिए K1 से K6 तक छह खोया-पाया केंद्र स्थापित किए जाने के लिए स्थान निर्धारित किए गए हैं।
जिला प्रशासन का उद्देश्य दीपावली अमावस्या मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने देना और पूरे मेला क्षेत्र में यातायात तथा सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।
16 स्थानों पर होगी वाहनों की पार्किंग व्यवस्था
दीपावली अमावस्या मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के निजी वाहनों से चित्रकूट पहुंचने की संभावना है। ऐसे में सड़कों पर जाम की स्थिति न बने और वाहनों का आवागमन व्यवस्थित रहे, इसके लिए प्रशासन ने मेला क्षेत्र में P1 से P16 तक पार्किंग स्थल चिह्नित किए हैं।
इन पार्किंग स्थलों में पुलिस होल्डिंग एरिया, बांदा रोड, बेड़ी पुलिया, रामघाट मार्ग, संग्रामपुर तिराहा सहित अन्य निर्धारित स्थान शामिल हैं। दोपहिया वाहनों के लिए भी अलग पार्किंग व्यवस्था रखी गई है।
प्रशासन की इस व्यवस्था से श्रद्धालुओं के वाहनों को निर्धारित स्थानों पर खड़ा कराया जा सकेगा। इससे मेला क्षेत्र की प्रमुख सड़कों पर अनावश्यक भीड़ और यातायात दबाव को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
पार्किंग तक पहुंचने के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित
श्रद्धालुओं को पार्किंग स्थलों तक पहुंचने में परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन ने अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए हैं। इन मार्गों के जरिए वाहनों को संबंधित पार्किंग स्थलों तक पहुंचाया जाएगा।
अलग-अलग रूट निर्धारित करने का मुख्य उद्देश्य यातायात के दबाव को एक ही मार्ग पर केंद्रित होने से रोकना है। इससे मेला क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित रखने और जाम की समस्या कम करने में मदद मिलेगी।
श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन और यातायात पुलिस की ओर से निर्धारित मार्गों का ही इस्तेमाल करें तथा सड़क किनारे या प्रतिबंधित स्थानों पर वाहन खड़े न करें।
श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए छह रैन बसेरों की व्यवस्था
दीपावली अमावस्या मेले में दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने R1 से R6 तक छह रैन बसेरे चिह्नित किए हैं।
इनके लिए रामवन गमन पथ, बांदा रोड, धर्मकांटा, रैन बसेरा सीतापुर, संग्रामपुर तिराहा, रामेश्वरम क्षेत्र और रामायण दर्शन परिक्रमा मार्ग के आसपास के स्थान शामिल किए गए हैं।
रैन बसेरों की व्यवस्था का उद्देश्य मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने और विश्राम के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से दूर से आने वाले श्रद्धालुओं और परिवारों को इससे सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
बिछड़े हुए लोगों की मदद के लिए छह खोया-पाया केंद्र
मेले में भारी भीड़ के दौरान कई बार बच्चे, बुजुर्ग या अन्य श्रद्धालु अपने परिजनों से बिछड़ जाते हैं। ऐसी परिस्थितियों में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए जिला प्रशासन ने K1 से K6 तक छह खोया-पाया केंद्रों के लिए स्थान निर्धारित किए हैं।
इन केंद्रों के लिए निम्न स्थान चिह्नित किए गए हैं:
- बेड़ी पुलिया।
- पोद्दार इंटर कॉलेज।
- फूड प्लाजा रामघाट।
- रामघाट फुट ओवरब्रिज के पास।
- बरहा हनुमान जोन कार्यालय।
- रामायण दर्शन।
इन केंद्रों के माध्यम से मेले में बिछड़े हुए श्रद्धालुओं और उनके परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। किसी का बच्चा या परिवार का सदस्य बिछड़ने पर श्रद्धालु इन निर्धारित केंद्रों पर संपर्क कर सकते हैं।
यातायात और जनसुविधाओं पर प्रशासन का विशेष फोकस
दीपावली अमावस्या मेला चित्रकूट के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। इस दौरान रामघाट, परिक्रमा मार्ग और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में यातायात नियंत्रण और जनसुविधाओं की व्यवस्था प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती रहती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पार्किंग, रैन बसेरा और खोया-पाया केंद्रों के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित किए हैं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्गों से आवागमन करने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
जिला प्रशासन की श्रद्धालुओं से अपील
जिला प्रशासन चित्रकूट ने दीपावली अमावस्या मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं से व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि:
- अपने वाहनों को केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करें।
- यातायात पुलिस द्वारा बताए गए मार्गों का पालन करें।
- मेला क्षेत्र में अनावश्यक रूप से वाहन लेकर न घूमें।
- भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतें।
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
- परिजनों से बिछड़ने की स्थिति में निर्धारित खोया-पाया केंद्रों पर संपर्क करें।
- किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक कर्मचारियों से सहायता लें।
सुरक्षित और व्यवस्थित मेला आयोजन की तैयारी
जिला प्रशासन चित्रकूट द्वारा दीपावली अमावस्या मेला-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। 16 पार्किंग स्थलों, छह रैन बसेरों और छह खोया-पाया केंद्रों के निर्धारण से मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
प्रशासन की अपील है कि श्रद्धालु निर्धारित पार्किंग और मार्गों का इस्तेमाल करें तथा प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए दीपावली अमावस्या मेले में दर्शन और धार्मिक गतिविधियों का लाभ उठाएं।
