Weather Update: मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली, यूपी, बिहार और पंजाब समेत 14 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लैंडस्लाइड के कारण रास्ते बंद हो गए हैं। जानिए अपने राज्य के मौसम का हाल।
- इन 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट (Rain Alert)
- उत्तराखंड और सिक्किम में लैंडस्लाइड से केदारनाथ व कैलाश यात्रा प्रभावित
- क्षेत्रवार मौसम का हाल (Region-Wise Weather Update)
- 1. उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली-NCR में उमस से मिलेगी राहत
- 2. मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आंधी-बिजली का अलर्ट
- 3. पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: बिहार-झारखंड में मानसून का तांडव
- 4. पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: कोंकण और गोवा में लगातार वर्षा
- मौसम विभाग की सलाह (IMD Advisory)
नई दिल्ली। उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह से एक्टिव (सक्रिय) हो चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत देश के 14 राज्यों में हल्की से लेकर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान कई इलाकों में 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान चलने और आसमानी बिजली गिरने की भी आशंका है। पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। आइए जानते हैं देश भर के मौसम का विस्तृत हाल।
इन 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट (Rain Alert)
IMD ने देश के जिन 14 राज्यों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, उनमें शामिल हैं:
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उत्तर प्रदेश (UP), उत्तराखंड, राजस्थान
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दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर
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बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम
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ओडिशा और छत्तीसगढ़
बड़ी खबर: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी व मैदानी राज्यों में बाढ़ और मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तराखंड और सिक्किम में लैंडस्लाइड से केदारनाथ व कैलाश यात्रा प्रभावित
पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश आफत बन कर बरस रही है। शनिवार को उत्तराखंड में भारी लैंडस्लाइड (भूस्खलन) के कारण केदारनाथ यात्रा के रूट पर घोड़े-खच्चरों की सेवाएं एहतियातन रोक दी गई हैं। इसके अलावा कैलाश-मानसरोवर यात्रियों के एक जत्थे को भी सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। उत्तराखंड के तीन जिलों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश की चेतावनी के साथ यमुनोत्री हाईवे भी प्रभावित हुआ है।
वहीं, सिक्किम में नेशनल हाईवे-10 (NH-10) पर भीषण लैंडस्लाइड के कारण रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है, जिससे सैकड़ों गाड़ियाँ और सैलानी रास्ते में फंस गए हैं।
क्षेत्रवार मौसम का हाल (Region-Wise Weather Update)
1. उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली-NCR में उमस से मिलेगी राहत
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जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश: IMD ने 19 से 24 जुलाई के दौरान यहाँ भारी बारिश की संभावना जताई है। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का रेड अलर्ट है।
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दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़: इन राज्यों में आज छिटपुट बारिश हो सकती है, लेकिन 20 से 23 जुलाई के बीच व्यापक रूप से भारी बारिश की संभावना है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
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उत्तर प्रदेश और राजस्थान: यूपी में 24 जुलाई तक लगातार बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं, राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में भी 20 से 24 जुलाई के दौरान तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान है।
2. मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आंधी-बिजली का अलर्ट
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छत्तीसगढ़: यहाँ भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है।
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मध्य प्रदेश: पूर्वी एमपी और छत्तीसगढ़ में 24 जुलाई तक भारी बारिश होगी, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22 से 24 जुलाई के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है।
3. पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: बिहार-झारखंड में मानसून का तांडव
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बिहार, झारखंड, बंगाल और ओडिशा: इन राज्यों में 23 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
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पूर्वोत्तर राज्य: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 22 जुलाई तक गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ती रहेंगी।
4. पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: कोंकण और गोवा में लगातार वर्षा
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गुजरात (सौराष्ट्र और कच्छ): यहाँ अगले 7 दिनों तक मौसम साफ या केवल हल्की छिटपुट बारिश होने की ही संभावना है।
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कोंकण, गोवा और कर्नाटक: कोंकण और गोवा में 24 जुलाई तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा। तटीय कर्नाटक में 24 जुलाई तक और केरल व लक्षद्वीप में 21 जुलाई तक व्यापक वर्षा का अनुमान है।
मौसम विभाग की सलाह (IMD Advisory)
मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को नदी-नालों से दूर रहने तथा लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है। मैदानी इलाकों में बिजली चमकने के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की अपील की गई है।
