दुकानदार द्वारा चोरी के मोबाइल की सूचना पर पुलिस ने थाने ले जाकर की पूछताछ, नाबालिग कानून के पालन पर उठे सवाल
किरावली। थाना किरावली परिसर में दो नाबालिगों को पुलिस द्वारा पूछताछ के नाम पर करीब दो घंटे तक बैठाए रखने का मामला सामने आया है। इस घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार को किरावली कस्बे की एक मोबाइल दुकान पर दो नाबालिग एक मोबाइल लेकर पहुंचे। दुकानदार को मोबाइल संदिग्ध लगा और उसने उन्हें चोरी का मोबाइल बताते हुए पुलिस को सूचना दे दी। वीडियो में दुकानदार नाबालिगों से पूछता हुआ सुनाई दे रहा है कि “यह मोबाइल कहां से लाए हो, यह चोरी का है।”
सूचना पर पहुंची किरावली पुलिस दोनों नाबालिगों को अपने साथ थाने ले गई। आरोप है कि पुलिस ने नाबालिगों को दो घंटे से अधिक समय तक थाने में बैठाए रखा। बाद में करीब तीन बजे उन्हें अछनेरा पुलिस को सौंप दिया गया। सूत्रों के अनुसार, अछनेरा पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए नाबालिगों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।इस मामले में अब सवाल उठ रहे हैं कि जब पुलिस नाबालिगों को पूछताछ के लिए थाने लाई, तो क्या किशोर न्याय बोर्ड को इसकी सूचना दी गई? नियमों के अनुसार, नाबालिगों से पूछताछ अभिभावकों की उपस्थिति में और मित्रवत माहौल में की जानी चाहिए।किरावली पुलिस पर नाबालिगों के संबंध में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के उल्लंघन के आरोप लग रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों ने थाने के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।इस संबंध में एसीपी अछनेरा शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है, जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं किशोर न्याय बोर्ड की अध्यक्ष जया चतुर्वेदी ने कहा कि इस मामले में बोर्ड को थाना पुलिस द्वारा कोई सूचना नहीं दी गई है।जबकि थाना पुलिस को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के अंतर्गत पुलिस ने इस मामले में किशोर न्याय बोर्ड (JJB) को सूचना नहीं दी। साथ ही, अभिभावकों की अनुपस्थिति में थाना परिसर में नाबालिगों को बैठाकर पूछताछ करना नियमों का उल्लंघन है। पुलिस को तत्काल किशोर न्याय बोर्ड को सूचित करना चाहिए
