अलीगढ़ के बन्नादेवी क्षेत्र के चूहरपुर में 2023 बैच के दरोगा सुंदरम तिवारी का शव किराये के मकान में मिला। पांच दिन पहले कचहरी का वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें निलंबित किया गया था। पिता ने तनाव में रहने की बात कही।
अलीगढ़। बन्नादेवी थाना क्षेत्र के चूहरपुर इलाके में बुधवार सुबह उत्तर प्रदेश पुलिस के 2023 बैच के उपनिरीक्षक सुंदरम तिवारी (27) का शव किराये के मकान में मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उन्होंने आत्महत्या की है। घटना के समय उनके पिता कुछ देर के लिए मंदिर और नाश्ता लेने बाहर गए हुए थे। घर लौटने पर काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे का दरवाजा खुलवाया और जांच शुरू की।
सुंदरम मूलरूप से मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बंशिया थाना क्षेत्र के गांव ब्यास के रहने वाले थे। वह अलीगढ़ पुलिस लाइन में तैनात थे और आईटीआई रोड स्थित चूहरपुर में डोरीलाल शर्मा के मकान में अपने पिता श्रीचंद तिवारी के साथ किराये पर रह रहे थे।
पांच दिन पहले कचहरी परिसर में ड्यूटी के दौरान उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में उन्हें कथित तौर पर नशे की हालत में दिखाए जाने का दावा किया गया था। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने उन्हें निलंबित कर दिया था। पिता का कहना है कि वीडियो वायरल होने और निलंबन के बाद से सुंदरम तनाव में रहने लगे थे। हालांकि, आत्महत्या के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पिता मंदिर गए थे, लौटे तो कमरे में नहीं खुला दरवाजा
पिता श्रीचंद तिवारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह मंदिर गए थे। इसके बाद नाश्ता लेने के लिए बाहर निकल गए। इसी दौरान उन्होंने बेटे को फोन किया, लेकिन कई बार कॉल करने के बावजूद फोन नहीं उठा। अनहोनी की आशंका होने पर वह घर लौटे तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा खुलवाने के बाद सुंदरम का शव कमरे में मिला। घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी नीरज जादौन, एसपी सिटी आदित्य बंसल और सीओ द्वितीय धनंजय सिंह मौके पर पहुंचे। फील्ड यूनिट ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम पैनल के माध्यम से वीडियोग्राफी के बीच कराया गया। देर रात तक मध्य प्रदेश से परिजनों के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा था।
पिता बोले- वीडियो वायरल होने के बाद से तनाव में था बेटा
सुंदरम के पिता श्रीचंद तिवारी ने बताया कि उनका बेटा पढ़ाई में शुरू से ही काफी होशियार था। उसने अलग-अलग सरकारी परीक्षाएं पास कर तीन बार क्लर्क की नौकरी हासिल की थी। पहले रेलवे में क्लर्क बना, इसके बाद बैंक और फिर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में क्लर्क के पद पर चयन हुआ। बाद में उसने उत्तर प्रदेश पुलिस की परीक्षा पास की और उपनिरीक्षक बना।
पिता के मुताबिक, परिवार में भी शिक्षा और सरकारी सेवा का माहौल रहा है। सुंदरम का बड़ा भाई वन विभाग में रेंजर है। बेटे की उपलब्धियों पर परिवार को गर्व था और पिता उसके भविष्य को लेकर कई सपने संजोए हुए थे।
श्रीचंद तिवारी का कहना है कि कचहरी में बनाए गए वीडियो के वायरल होने के बाद सुंदरम काफी आहत था। वीडियो उसके गांव और रिश्तेदारों तक भी पहुंच गया था। लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे थे। पिता के अनुसार, निलंबन के बाद से वह ज्यादा परेशान रहने लगा था और दो दिन ड्यूटी पर भी नहीं गया था।
अलीगढ़ में मिली थी पहली तैनाती
सुंदरम तिवारी 2023 बैच के उपनिरीक्षक थे। पुलिस सेवा में चयन के बाद उनकी पहली तैनाती अलीगढ़ में ही हुई थी। शुरुआत में उन्हें खैर थाना क्षेत्र की एक चौकी पर तैनात किया गया। इसके बाद उनका स्थानांतरण बरला थाने में हुआ। बाद में उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया गया।
उनकी आखिरी ड्यूटी कचहरी स्थित हवालात में लगाई गई थी। इसी दौरान उनके व्यवहार और कथित नशे की हालत को लेकर शिकायतें सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, इन शिकायतों और उनसे जुड़ी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
वायरल वीडियो में नशे में होने का दावा, दरोगा ने किया था इनकार
शुक्रवार को सोशल मीडिया पर करीब 1 मिनट 7 सेकेंड का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें सुंदरम एक बाइक पर पीछे बैठे दिखाई दे रहे थे। वीडियो में वह बाइक से उतरते समय लड़खड़ाते नजर आए और वहां मौजूद एक अन्य पुलिसकर्मी उन्हें संभालता दिखाई दिया। इसके बाद उन्हें हवालात की ओर ले जाया गया।
वीडियो के आधार पर उनके नशे में होने का दावा किया गया था। हालांकि, सुंदरम ने कथित तौर पर इस आरोप को खारिज करते हुए कहा था कि उनके पैर में चोट है और वह नशे में नहीं हैं। वीडियो सामने आने के बाद एसएसपी ने उन्हें निलंबित कर दिया था।
पिता का कहना है कि वीडियो वायरल होने के बाद सुंदरम मानसिक दबाव में था। उन्हें इस बात का दुख था कि वीडियो उनके गांव और परिचितों तक पहुंच गया। परिवार के मुताबिक, वह इस घटना के बाद से सामान्य नहीं रह पा रहे थे।
पांच दिन पहले बदला था किराये का मकान
सुंदरम ने घटना से महज पांच दिन पहले ही चूहरपुर की उसी गली में दूसरा किराये का मकान लिया था। इससे पहले वह मोहल्ले के ही एक अन्य मकान में रह रहे थे। पिता के अनुसार, परिवार बेटे की शादी के लिए रिश्ते भी देख रहा था, लेकिन सुंदरम फिलहाल शादी नहीं करना चाहता था। वह हर बार यही कहता था कि अभी शादी नहीं करनी है।
पुलिस कर रही है मामले की जांच
घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की। फील्ड यूनिट ने साक्ष्य एकत्र किए और शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस सुंदरम के पारिवारिक और नौकरी से जुड़े हालात के साथ-साथ हाल में हुई घटनाओं की भी जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
