जैथरा,एटा। मजदूरी के रुपये मांगने गए राजमिस्त्री को उसके ही पड़ोसी ने क्रूरता से मार डाला। मामला जैथरा थाना क्षेत्र के नगला छोकरियां गांव का है, जहां जितेंद्र सिंह पुत्र सौदान सिंह रोजगार के लिए राजमिस्त्री का काम करते थे। बुधवार की शाम जब वह पड़ोस के गांव नगला धंपी में विनोद और भूरे से बकाया मजदूरी मांगने पहुंचे, तो छोटे से विवाद ने खूनी रूप ले लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मजदूरी के पैसे को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि विनोद और भूरे गुस्से में आकर जितेंद्र के खून के प्यासे हो गए। दोनों आरोपियों ने पहले अंगौछे का फंदा बनाया और जितेंद्र का गला घोंटकर निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को गांव के बाहर खेतों में झाड़ियों के पास फेंक दिया गया, ताकि अपराध छिपा रहे।
शनिवार सुबह जब ग्रामीण खेतों में काम करने गए, तो उन्होंने झाड़ियों के पास पड़ा शव देखा। पूरे इलाके में कोहराम मच गया। लोगों की भीड़ जमा हो गई और तुरंत जैथरा पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया। मृतक के भाई ने थाने में तहरीर दी, जिसमें विनोद और भूरे पर हत्या का आरोप लगाया गया। पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ इलामरन के निर्देश पर जैथरा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की। सर्विलांस और पुलिस सूत्रों की मदद से जांच तेज कर दी गई। मात्र 12 घंटे के अंदर पुलिस ने दोनों आरोपियों विनोद और भूरे को गिरफ्तार कर लिया। दोनों फरार होने की फिराक में थे और भागने की योजना बना रहे थे। गिरफ्तारी के बाद कड़ी पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामले का शीघ्र खुलासा हो सका। आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया अंगौछा और मृतक का मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया है। दोनों अभियुक्तों ने हत्या की पूरी घटना कबूल कर ली है। वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर दोनों को न्याय हिरासत में जेल भेजा जा रहा है।
इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी हालांकि लोगों ने पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि इतने कम समय में मर्डर मिस्ट्री सुलझाना प्रशंसनीय है।
