पूछताछ के नाम पर युवक को थर्ड डिग्री देने पर भी घिरी थी पुलिस
आगरा। थाना किरावली क्षेत्र के गांव कराहरा में रिटायर्ड फौजी बनवीर सिंह की हत्या का मामला नौ माह बाद भी अनसुलझा बना हुआ है। पुलिस अब तक हत्या की गुत्थी नहीं सुलझा सकी है। मामले में कई एंगल पर जांच के बाद अब पुलिस ने गांव के पांच लोगों को संदिग्ध मानते हुए उनके पालीग्राफी टेस्ट कराने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए न्यायालय में अनुमति के लिए आवेदन किया गया है। अनुमति मिलते ही पांचों संदिग्धों का टेस्ट कराया जाएगा।
घर के अंदर मिला था शव, मोबाइल खाली प्लॉट में पड़ा मिला :जानकारी के अनुसार गांव कराहरा निवासी रिटायर्ड फौजी बनवीर सिंह की चार अगस्त 2025 की रात घर के अंदर गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। घटना के समय वह घर में अकेले थे। उनकी पत्नी दवा लेने आगरा गई हुई थीं। अगले दिन सुबह जब वह घर लौटीं तो पति का शव कमरे के अंदर पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण गला घोंटना सामने आया था।घटना के बाद मृतक का मोबाइल फोन घर के पास स्थित एक खाली प्लॉट में पड़ा मिला था, जबकि सिम कार्ड की ट्रे घर के अंदर मिली थी। इन परिस्थितियों ने हत्या की आशंका को और मजबूत कर दिया था। मृतक के भाई हरेंद्र सिंह ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
चोरी, जमीन विवाद और प्रधानी चुनाव की रंजिश पर जांच:पुलिस शुरू से ही इस हत्याकांड में कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। इनमें चोरी, जमीन विवाद, गांव की रंजिश और आगामी प्रधानी चुनाव प्रमुख हैं। बताया जा रहा है कि मृतक के भाई हरेंद्र सिंह ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। रिटायर्ड फौजी बनवीर सिंह भी पंचायत और गांव की गतिविधियों में सक्रिय हो गए थे। ऐसे में पुलिस राजनीतिक और सामाजिक रंजिश के एंगल से भी जांच कर रही है।परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद गांव के कुछ लोगों ने करंट लगने से मौत होने की बात फैलाने की कोशिश की थी, जबकि घटनास्थल की परिस्थितियां हत्या की ओर इशारा कर रही थीं।
पुलिस की कार्यप्रणाली भी रही सवालों के घेरे में :इस हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली भी विवादों में रही थी। बीते वर्ष दिसंबर में पुलिस गांव के ही युवक राजू पंडित को पूछताछ के नाम पर हिरासत में लेकर गई थी। आरोप है कि पुलिस ने उसे अवैध रूप से हिरासत में रखकर थर्ड डिग्री दी और मारपीट में उसके दोनों पैर तोड़ दिए थे। घटना सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे थे और जांच की रफ्तार भी धीमी पड़ गई थी।
पांच संदिग्धों को किया गया चिह्नित : अब पुलिस ने एक बार फिर मामले की जांच तेज करते हुए गांव के पांच लोगों को संदिग्ध के रूप में चिह्नित किया है। पुलिस इन सभी का पालीग्राफी टेस्ट कराना चाहती है। अधिकारियों का मानना है कि टेस्ट के जरिए हत्या से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं और मामले के खुलासे में मदद मिलेगी।गुरुवार को मृतक के परिजनों ने डीसीपी पश्चिम जोन आदित्य से मुलाकात कर मामले की प्रगति की जानकारी ली और जल्द खुलासे की मांग की।डीसीपी पश्चिम जोन आदित्य ने बताया कि मामले में पांच संदिग्धों को चिह्नित किया गया है। न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद उनका पालीग्राफी टेस्ट कराया जाएगा।
