आगरा। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर आजकल एक नेताजी जमकर छाए हुए हैं। चुनाव के दौरान तमाम उतार चढ़ावों के बाद सफलता की सीढ़ी पर पहुंचे नेताजी आजकल अपना ट्रेंड बदलकर चल रहे हैं।
नेताजी के बारे में एक कहावत मशहूर हुई कि उन्होंने दिल्ली से लेकर कन्याकुमारी तक का रास्ता नापा। इस रास्ते में वह अपने क्षेत्र का ही रास्ता भूल गए। किसके यहां गमी है तो किसके यहां शादी हो रही है, इसका तनिक भी भान नहीं रहा। चूंकि जिम्मेदारी बड़ी मिली थी तो जनता के बीच कहने का बहाना भी मिल गया कि कम आया हूं लेकिन…………..
अब एक बार फिर नेताजी पुरानी रौ में लौटते दिख रहे हैं। कभी देश से बाहर तो देश के अंदर सुंदर एवं प्राकृतिक स्थानों का दीदार करते हुए नेताजी को देखा जा सकता है। हाल ही में चर्चित हो रहे एक प्रकरण में भी नेताजी का उतावलापन लोगों को हतप्रभ कर रहा है। सौ बात की एक बात यह है कि क्षेत्र काफी बड़ा है। यमुना से लेकर चंबल तक क्षेत्र का दायरा है। अब नेताजी पर दुबारा मन मसोसकर भरोसा करने वाली सरदारी फिर से पूछने लगी है कि कब आयेंगे हमारे नेताजी। पिछली बार तो बिल्कुल दिखे नहीं क्या फिर ऐसा ही हो रहा है किया।
जनसंवाद का बदला रूप, लाइव आकर हो रहा संवाद
नेताजी के गांव में रहने वाले लोग पूछ रहे हैं कि हम पर तो सोशल मीडिया चलाना भी नहीं आता। हम पर तो सादा फोन भी नहीं है। अब नेता जी के साथ हम लाइव कैसे आए। अब नेताजी को इसका भी तोड़ ढूंढना होगा। नेताजी के खास समर्थकों के अनुसार दिक्कत की कोई बात नहीं है। जनता जनार्दन हमारे साथ है हम सोशल मीडिया पर लाइव आते रहेंगे इसी प्रकार जनता हम पर सम्मोहित मैं बनी रहेगी।