दहेज हत्या केस में नाम निकलवाने के नाम पर पीड़ित से ऐंठे 3 लाख
एसएसपी की सख्ती के बाद सौदागरों में मचा हड़कंप
एटा/जैथरा: जैथरा थाने में ‘खाकी की सौदेबाजी’ पर पुलिस ने अब शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एसएसपी इलामारन के निर्देश पर पुलिस ने दहेज हत्या के मामले में नाम निकलवाने के नाम पर पीड़ित से 3 लाख रुपये ऐंठने वाले दो सौदागरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। एसएसपी की सख्त तेवरों से सौदागरों में खलबली मच गई है। एसएसपी के आदेश पर पुलिस दोनों की तलाश कर रही है।
जानकारी के अनुसार जैथरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति के परिजन दहेज हत्या के मुकदमे में नामजद थे। मुकदमा थाना जैथरा में दर्ज है। आरोप है कि दो सौदागरों ने विवेचना में नाम हटवाने का झांसा देकर पीड़ित पक्ष से 3 लाख रुपये में सौदा तय किया। रकम लेने के बाद सौदागरों ने भरोसा दिलाया कि विवेचना के दौरान नाम निकलवा देंगे। पुलिस विवेचना पूरी होने के बाद भी दोनों आरोपियों के नाम नहीं हटे। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी, तो सौदागरों ने फोन उठाना बंद कर दिया और नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने एसएसपी डा. इलामारन जी से मिलकर पूरे मामले की शिकायत की।
एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिए हैं। मुकदमा दर्ज होते ही सौदागरों में हड़कंप मच गया है।
थाना अध्यक्ष रितेश ठाकुर का कहना है कि किसी भी मुकदमे में नाम हटाना या जोड़ना सिर्फ साक्ष्य और विवेचना के आधार पर होता है। किसी के झांसे में न आएं। यदि कोई पुलिस के नाम पर पैसे मांगे तो तुरंत शिकायत करें।
सौदागरों पर एसएसपी की सीधी नजर
खाकी के नाम पर सौदागरी करने वालों पर सख्त मिजाज एसएसपी की पूरी नजर है। खाकी के नाम पर पीड़ितों से सौदा करने वालों की जानकारी एसएसपी तक पहुंच रही है। थाने के सामने खुली सौदागरों की दुकानों की कहानी भी एसएसपी तक पहुंच चुकी है। सौदागरों से सांठगांठ करने वाले खाकीधारियों पर भी पुलिस कप्तान की सीधी नजर है। इन सौदागरों पर भी जल्द ही कानूनी शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।
