बिना औपचारिकता, सीधे संवाद: सिविल ड्रेस में जनसुनवाई से बढ़ा जनता का भरोसा
“फरियादियों से सीधे जुड़ाव का माध्यम बनी सिविल ड्रेस जनसुनवाई”
लखनऊ| प्रदेश के जनपद अंबेडकर नगर की पुलिस व्यवस्था में पिछले लगभग 50 दिनों के दौरान उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह के नेतृत्व में अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम, जनसुनवाई व्यवस्था और फरियादियों के प्रति पुलिस के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव की चर्चा आम लोगों के बीच होने लगी है।
- मिशन शक्ति के तहत 50 से अधिक परिवारों को फिर मिला साथ
- पैदल गश्त से अपराधियों में बढ़ा भय
- सैकड़ों मोबाइल फोन लौटाकर जीता लोगों का विश्वास
- साइबर अपराधियों पर सख्ती, हर सप्ताह लाखों की रिकवरी
- जनसुनवाई बनी चर्चा का विषय
- सुधार से परेशान हैं अवैध वसूली और दलाल तंत्र से जुड़े लोग
- जनता का बढ़ा विश्वास, पुलिस की बदली छवि
पदभार ग्रहण करने के बाद से ही पुलिस अधीक्षक ने पुलिसिंग को अधिक जवाबदेह, संवेदनशील और जनकेंद्रित बनाने पर जोर दिया। थानों में आने वाले फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने, महिलाओं से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण तथा कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। इसका परिणाम यह रहा कि प्रदेश स्तर पर जारी विभिन्न रैंकिंग में अंबेडकरनगर को कई बार शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ है।
मिशन शक्ति के तहत 50 से अधिक परिवारों को फिर मिला साथ
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में संचालित मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत पारिवारिक विवादों और आपसी मतभेदों को सुलझाने की दिशा में भी सराहनीय कार्य हुआ है। पुलिस एवं महिला सहायता प्रकोष्ठ के प्रयासों से अब तक लगभग 50 से अधिक परिवारों को पुनः एकजुट कराया गया है। पति-पत्नी अथवा पारिवारिक मतभेदों के कारण अलगाव की स्थिति में पहुंचे परिवारों को समझाइश, काउंसलिंग और संवाद के माध्यम से फिर से साथ रहने के लिए प्रेरित किया गया। इस पहल को सामाजिक दृष्टि से पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पैदल गश्त से अपराधियों में बढ़ा भय
जनपद के विभिन्न कस्बों और बाजारों में नियमित पैदल गश्त एवं पुलिस की सक्रिय मौजूदगी से आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। वहीं अपराधियों और असामाजिक तत्वों में पुलिस का भय भी बढ़ा है। गंभीर अपराधों में कमी दर्ज किए जाने को पुलिस प्रशासन अपनी बड़ी उपलब्धि मान रहा है।
सैकड़ों मोबाइल फोन लौटाकर जीता लोगों का विश्वास
मोबाइल चोरी और गुमशुदगी की शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए पुलिस विभाग ने विशेष अभियान चलाया। इसके तहत अब तक सैकड़ों मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे जा चुके हैं। वर्षों बाद अपना मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी, जिससे पुलिस के प्रति जनता का भरोसा और मजबूत हुआ है।
साइबर अपराधियों पर सख्ती, हर सप्ताह लाखों की रिकवरी
वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन अंबेडकरनगर पुलिस इस चुनौती से निपटने में भी सक्रिय दिखाई दे रही है। साइबर सेल की प्रभावी कार्यवाही के चलते प्रत्येक सप्ताह तीन से चार बड़ी धनराशि रिकवरी के मामले सामने आ रहे हैं। ठगी के शिकार लोगों को उनकी रकम वापस दिलाकर पुलिस लगातार राहत पहुंचा रही है।

जनसुनवाई बनी चर्चा का विषय
पुलिस अधीक्षक द्वारा कई अवसरों पर सिविल ड्रेस में जनसुनवाई करने और सीधे आम लोगों से संवाद स्थापित करने की पहल भी चर्चा का विषय बनी हुई है। आम नागरिक इसे पुलिस और जनता के बीच दूरी कम करने वाला कदम मान रहे हैं। इससे शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया में भी पारदर्शिता बढ़ी है।
सुधार से परेशान हैं अवैध वसूली और दलाल तंत्र से जुड़े लोग
सूत्रों का मानना है कि पुलिस व्यवस्था में बढ़ती पारदर्शिता और जवाबदेही से उन तत्वों की सक्रियता प्रभावित हुई है जो अवैध वसूली, दलाली अथवा अन्य अनुचित गतिविधियों के माध्यम से लाभ उठाते रहे हैं। ऐसे कुछ लोग पुलिस अधीक्षक की कार्यशैली को लेकर अनावश्यक आलोचना कर रहे हैं, जबकि आम जनता के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
जनता का बढ़ा विश्वास, पुलिस की बदली छवि
कुल मिलाकर लगभग 50 दिनों के कार्यकाल में अंबेडकरनगर पुलिस की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार दिखाई दे रहा है। अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों पर अंकुश, जनसुनवाई, पारिवारिक विवादों के समाधान और जनता के साथ बेहतर संवाद जैसे क्षेत्रों में हुए बदलावों ने जिले की पुलिसिंग को नई पहचान देने का कार्य किया है। आम लोगों के बीच यह धारणा मजबूत हुई है कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था ही नहीं, बल्कि समाज में विश्वास और समरसता स्थापित करने वाली एक संवेदनशील व्यवस्था भी है।
