मुख्यमंत्री को भेजा पत्र, कहा— करोड़ों के घोटालों में लिप्त बीएसए को तुरंत हटाएं, जांच कराएं
आगरा।जनपद का बेसिक शिक्षा विभाग एक बार फिर आरोपों के भंवर में फंसा है, लेकिन इस बार शिकंजा कसने वाले कोई आम शिकायतकर्ता नहीं, बल्कि खुद सत्तारूढ़ दल के विधायक चौधरी बाबूलाल हैं। उन्होंने बीएसए जितेंद्र कुमार गोंड के खिलाफ सीधे मुख्यमंत्री को पत्र लिखते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विधायक का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब विभाग पहले से ही निलंबन-बहाली, समायोजन और किताब वितरण जैसे मामलों में घोटालों के आरोपों से घिरा हुआ है। विधायक ने आरोप लगाया है कि बीएसए की शह पर करोड़ों रुपये की अवैध वसूली, फर्जी नियुक्तियां और टेंडर घोटाले अंजाम दिए गए ।
सरकार की छवि दांव पर!
विधायक बाबूलाल का कहना है कि ऐसे अधिकारियों के रहते सरकार की छवि को सीधा नुकसान हो रहा है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि बार-बार मीडिया में खबरें आने के बावजूद विभागीय अधिकारियों ने जानबूझकर आंखें मूंदे रखीं।
CDO की संस्तुति भी हुई नजरअंदाज
इससे पहले मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ने भी बीएसए और उनके सहयोगी बाबू राहुल सक्सेना के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की थी, लेकिन फाइलें दबा दी गईं। अब विधायक ने खुद मुख्यमंत्री से मांग की है कि न सिर्फ बीएसए को तत्काल हटाया जाए, बल्कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदारों को दंडित किया जाए।
पर्दे के पीछे ‘मैनेजमेंट’ चालू!
सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई की आहट मिलते ही शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारी बैकफुट पर आ गए हैं और अपने कथित आकाओं के जरिए ‘जुगाड़’ में जुट गए हैं। लगातार फोन और मेल के जरिये रसूखदारों से संपर्क कर बचाव की कोशिशें की जा रही हैं।
