अधिकारियों की मेहबरनी से दौड रहीं हैं दो दर्जन से अधिक बसें
एटा/अलीगंज- उत्तर प्रदेश में लगभग हर दिन जीएसटी चोरी के मामले पकडे जा रहे हैं, लेकिन राजस्व की चोरी करने वाले कोई न कोई हथकंडा अपनाकर सरकार को क्षति पहुंचा रहे हैं। जीएसअी चोरी का नेटवर्क दिल्ली से लेकर फर्रूखाबाद तक चलता है। इन रास्तों में आने वाले कस्बा, गांव एवं शहर के व्यापारी बडी मात्रा में बिना बिल के दिल्ली से सामान लाते हैं। इस कारोबार को सारी भूमिका स्लीपर बस संचालकों की होती है, यह पुलिस, जीएसटी एवं परिवहन विभाग से बचाव की जिम्मेदारी लेते हैं और सामान को मोटे मुनाफे पर आते है। इन बसों में सवारियां कम होती हैं और सामान ज्यादा लाया जाता है।
सवारियों के नाम पर चल रही यह स्लीपर बसें सरकार को लाखों का चूना लगा रही है। लगभग दो दर्जन से अधिक स्लीपर बसें जनपद फर्रूखाबाद से बाया खैर-टप्पल होते हुए दिल्ली, हरियाणा आदि शहरों को जाती है। यह बसें जनपद एटा के अलीगंज, जैथरा, धुमरी, एटा नगर, पिलुआ आदि स्थानों से होकर गुजरती है। इन बसों का संचालन सवारियों को लाने ले जाने के उददेश्य से नहीं चलाया जा रहा है, बल्कि दिल्ली तथा अन्य महानगरों से रेडीमेड कपडों, जनरल स्टोर आदि सामानों को लाने में प्रयोग हो रहा है।
राजस्व चोरी करने वाले व्यापारियों के लिए यह बसें पहली पसंद बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार इन बस संचालकों के जीएसटी के अधिकारियों और पुलिस तथा परिवहन विभाग के अधिकारियों से सांठ-गांठ होने के कारण इन पर कोई कार्यवाही नहीं करता है।
200 से 2000 रूपए प्रति नग रहता है रेट
अलीगंज- स्लीपर बसों में व्यापारियों द्वारा जो भी सामान नगों में लाया जाता है उनसे 200 से 2000 रूपए तक में वसूला जा रहा है। व्यापारी भी उक्त धनराशि खुशी-खुशी इसलिए दे देते हैं कि उनको लाखों रूपए जीएसटी बच रही है। फर्रूखाबाद से अलीगंज होते हुए दिल्ली व अन्य राज्यों में आ-जा रहीं दो दर्जन बसों में यही खेल प्रति चलता है। अगर जीएसटी और परिवहन विभाग इन पर कार्यवाही करता है तो सरकार के राजस्व के रूप में लाखों रूपया प्रतिदिन मिल सकता है।
अभी स्कूली बसों पर चल रही है कार्यवाही
अलीगंज- जब उक्त स्लीपर और रोडवेज रंग में रंगी बसों के सम्बन्ध में एआरटीओ सतेन्द्र कुमार से वार्ता की गई तो उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुसार अभी स्कूली वाहनों, मोटर साइकिल के मॉडीफाइड साइंलेंसर, ओवर लोड वाहनों पर कार्यवाही की जा रही है। पूर्व में इन बसों के खिलाफ कार्यवाही की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम को भी हमारे साथ मिलकर इन बसों पर कार्यवाही करेंगे।
आखिर किसके संरक्षण में चल रही हैं फर्जी रोडवेज
अलीगंज- परिवहन निगम को लाखों रूपया का चूना लगाने फर्जी रोडवेज बस संचालक आखिर किसकी संरक्षण में बसें चला रहे है। इन बसों को रोडवेज रंग तथा लोगो लगा रखा है कि यात्री इनको असली रोडवेज बस समझकर बैठ जाते हैं और परेशानी का सामना करते है। ऐसा नहीं कि इन बसों के सम्बन्ध में जानकारी परिवहन विभाग को न हो, लेकिन फिर भी यह बेखौफ होकर जनपद एटा-फर्रूखाबाद-अलीगंज मार्ग पर दौड रही है।
