मैनपुरी के करहल क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील बनाते समय गैस सिलेंडर में आग लग गई। हादसे में रसोइया झुलस गईं, जबकि सभी बच्चे सुरक्षित रहे। समय रहते आग पर काबू पाने से बड़ा हादसा टल गया।
मैनपुरी | करहल। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के करहल क्षेत्र स्थित गांव नानमई के प्राथमिक विद्यालय में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मिड-डे मील तैयार करते समय रसोई में रखे गैस सिलेंडर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते पूरे विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। घटना के समय स्कूल में मौजूद बच्चों, शिक्षकों और कर्मचारियों में दहशत फैल गई।
इस हादसे में विद्यालय की रसोइया आग की चपेट में आने से झुलस गईं। विद्यालय स्टाफ और स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें प्राथमिक उपचार दिलाया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
घटना के दौरान विद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और आसपास मौजूद ग्रामीणों ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए समय रहते आग पर काबू पा लिया। उनकी तत्परता के कारण आग विद्यालय परिसर के अन्य हिस्सों तक नहीं फैल सकी। यदि आग पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।
सभी बच्चे सुरक्षित, टली बड़ी अनहोनी
हादसे के समय विद्यालय में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे। राहत की बात यह रही कि आग बच्चों तक नहीं पहुंची और सभी छात्र पूरी तरह सुरक्षित रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आग रसोई से बाहर फैल जाती, तो मासूम बच्चों की जान जोखिम में पड़ सकती थी।
अस्पताल में कराया गया भर्ती
घटना के तुरंत बाद झुलसी रसोइया को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज भेज दिया। फिलहाल उनका उपचार जारी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद विद्यालयों में मिड-डे मील बनाने के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने मांग की है कि सभी सरकारी विद्यालयों में गैस सिलेंडर, पाइप, रेगुलेटर और अन्य गैस उपकरणों की नियमित जांच कराई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
अग्नि सुरक्षा के इंतजाम मजबूत करने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि प्रत्येक विद्यालय में अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) उपलब्ध होना चाहिए और शिक्षकों व रसोई कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में बचाव संबंधी प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए। इससे किसी भी आपात स्थिति में नुकसान को कम किया जा सकता है।
प्रशासन से जांच की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने की मांग की है। साथ ही विद्यालयों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है।
