नगर पंचायत जैथरा में रोज़ाना हजारों लीटर पेयजल बर्बाद, यहां विश्व जल संकट दिवस का भी नहीं असर –

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जैथरा,एटा: एक ओर जहां जल संरक्षण को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं नगर पंचायत जैथरा में पानी की भारी बर्बादी जिम्मेदारों की लापरवाही को उजागर कर रही है। विश्व जल संरक्षण दिवस 22 मार्च को जब पानी बचाने के संदेश दिए जा रहे हैं, पानी की उपयोगिता एवं संरक्षण के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, ऐसी स्थिति में यहां रोजाना हजारों लीटर पेयजल पाइपलाइन के लीकेज के कारण व्यर्थ बह रहा है।

नगर में जल आपूर्ति के लिए बनी पानी की टंकी से रोजाना घर-घर पानी की आपूर्ति पहुंचाई जाती है, लेकिन पाइपलाइन की हालत खस्ता हो चुकी है। जगह-जगह पाइप फट चुके हैं, जिससे न सिर्फ पानी की बर्बादी हो रही है, बल्कि यहां के लोगों को भी पेय जल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

कई महीनों से फूटी पाइपलाइन, नहीं की गई मरम्मत

नगर के थाने के पास कई महीनों से पाइपलाइन फूटी हुई है, जिससे लगातार पानी बह रहा है। स्थानीय नागरिकों ने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन अभी तक मरम्मत नहीं हुई। पानी का यूं व्यर्थ बहना नगर पंचायत की उदासीनता का प्रत्यक्ष उदाहरण है।

जनता परेशान, ई ओ साहब मौन

नगर के लोगों का कहना है कि पंचायत प्रशासन को कई बार सूचना देने के बावजूद भी पाइपलाइन की मरम्मत नहीं कराई गई। एक ओर जल संकट की स्थिति बन रही है, दूसरी ओर हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द से जल्द पाइपलाइन सुधारने की मांग कर रहे हैं, ताकि जल संरक्षण को लेकर किए जाने वाले प्रयासों और दावों को अमल में लाया जा सके।

स्थानीय निवासी देव सिंह मिस्त्री का कहना है, हमने कई बार नगर पंचायत में शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। रोज़ हजारों लीटर पानी यूं ही बह जाता है। यह नगर पंचायत प्रशासन की लापरवाही का सबसे बड़ा उदाहरण है।

एपी चौहान पत्रकार ने नाराजगी जताते हुए कहा, सरकार और प्रशासन जल संरक्षण की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन हकीकत देखिए हमारे सामने ही पानी की बर्बादी हो रही है। अगर जल्दी ही पाइपलाइन की मरम्मत नहीं हुई, तो हमें पीने के पानी के लिए भी तरसना पड़ेगा।

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