झांसी (सुल्तान आब्दी)। वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की नगरी झांसी इन दिनों स्पा सेंटरों की आड़ में फलफूल रहे देह व्यापार के काले कारोबार से बदनाम हो रही है। शहर के विभिन्न इलाकों में खुलेआम जिस्मफरोशी का धंधा चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। हाल ही में सीपरी बाजार पुलिस द्वारा एक स्पा सेंटर पर की गई कार्रवाई के बाद भी स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है।
गैर जिलों से आकर झांसी में डेरा जमाए असामाजिक तत्वों ने स्पा सेंटरों को गंदगी का अड्डा बना दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने हुए हैं। शहर में कुछेक स्पा सेंटरों को छोड़ दें तो लगभग सभी में देह व्यापार का धंधा खुलेआम चल रहा है।
इन स्पा सेंटरों को लाइसेंस देने वाला श्रम विभाग भी ऑनलाइन आवेदन के नाम पर खानापूर्ति कर रहा है। विभाग को इस बात से कोई सरोकार नहीं है कि लाइसेंस लेने वाला कौन है, कहां रहता है, या वह जीवित भी है या नहीं। बस ऑनलाइन आवेदन करो और ‘सुविधा शुल्क’ दो, लाइसेंस हाजिर! जिम्मेदार अधिकारियों ने आज तक किसी भी स्पा सेंटर का निरीक्षण नहीं किया कि वे मानकों के अनुसार बने हैं या नियमों को ताक पर रखा गया है। न ही कभी वहां काम करने वाले स्टाफ का कोई लेखा-जोखा लिया गया है। ऐसे में घर से भागी हुई या किसी अपराध की शिकार महिलाएं भी इस दलदल में फंसकर काम करने को मजबूर हो रही हैं।
पहुज नदी के पास, आल्हा घाट के पास, आवास विकास चौराहे के पास, रामा बुक डिपो चौराहे के पास, भौकाल रेस्टोरेंट वाली बिल्डिंग में, टंडन रोड, इलाईट सीपरी रोड पर सीता होटल के बगल में, मिशन गेट, रिहायशी कॉलोनी पंचतंत्र पार्क के पीछे, नवाबाद थाना क्षेत्र के डमरू सिनेमा के नीचे, डमरू सिनेमा के बगल से रेस्टोरेंट के ऊपर, बीकेडी चौराहे से जीवन शाह मार्ग पर तीन, कानपुर चुंगी के पास, मेडिकल कॉलेज के पास, कचहरी चौराहे से जेल चौराहा जाने वाले मार्ग पर तीन, इलाहाबाद बैंक चौराहा सिविल लाइन, जेल के पीछे, गोविंद चौराहा आदि स्थानों पर अवैध रूप से स्पा सेंटरों में देह व्यापार का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।
वहीं, सीपरी बाजार में हुई एक कार्रवाई के बाद थानों के ‘खास’ लोगों की चांदी हो गई है। वे हर स्पा सेंटर पर कार्रवाई का डर दिखाकर तीन गुना ‘सुविधा शुल्क’ वसूल रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या झांसी प्रशासन इस गंदगी को साफ करने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा या वीरांगना की यह नगरी यूं ही बदनाम होती रहेगी?
