आंख और शरीर पर चोट के निशान दिखाकर बोली महिला- दो गाड़ियों में भरकर आई थी पुलिस, घसीटते हुए ले गई
अग्र भारत संवाददाता,आगरा। थाना सिकंदरा पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई एक वारंटी महिला द्वारा पुलिस पर मारपीट और उत्पीड़न के मामले में शुक्रवार को न्यायालय में पेशी के दौरान लगाए गए आरोपों के बाद न्यायालय के आदेश पर महिला का पैनल से चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इसके बाद शनिवार को महिला को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया है।
मामला उस समय चर्चा में आया जब शुक्रवार को न्यायालय में पेशी के दौरान महिला ने पुलिस पर मारपीट और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाते हुए विरोध जताया। महिला की आंख पर चोट का काला निशान दिखाई देने के बाद अधिवक्ताओं ने संबंधित दरोगा को घेर लिया। इस दौरान न्यायालय परिसर में कुछ देर के लिए दरोगा और अधिवक्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में एसएसएफ जवानों ने दरोगा को वहां से सुरक्षित निकाला।अधिवक्ताओं की आपत्ति के बाद एसीजेएम द्वितीय बटेश्वर कुमार ने महिला का पैनल से चिकित्सकीय परीक्षण कराने के निर्देश दिए थे। शनिवार को परीक्षण के बाद महिला को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई।जमानत पर रिहा होने के बाद किरावली मोड़, रुनकता निवासी सीमा सिकरवार ने आरोप लगाया कि चार जून को सिकंदरा थाने के एसआई सुरजीत सिंह पुलिस बल के साथ उसके घर पहुंचे थे। महिला का कहना है कि गिरफ्तारी के दौरान घर में तोड़फोड़ की गई और उसे घसीटते हुए ले जाया गया। थाने में उसके साथ मारपीट की गई तथा बेल्ट से पीटा गया। महिला ने अपनी आंख और शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए एक वीडियो भी जारी किया है।महिला का कहना है कि थाना शाहगंज में वर्ष 2018 में दर्ज बलवा, मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और नुकसान पहुंचाने के मामले में उसके खिलाफ वारंट जारी थे। उसने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया।सीमा सिकरवार ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी पैतृक भूमि पर बनी दुकानों को लेकर विवाद चल रहा है। उसके अनुसार एक व्यक्ति ने कथित रूप से फर्जी बैनामा करा लिया है और पुलिस की मदद से दुकानों पर कब्जा कराने का प्रयास किया जा रहा है। महिला का दावा है कि कुछ दिन पहले पुलिसकर्मी विवादित दुकानों का ताला तोड़कर अंदर पहुंचे थे, जबकि उक्त मामला न्यायालय में विचाराधीन है।महिला के परिजनों का कहना है कि उसकी तबीयत अभी भी ठीक नहीं है। उसे सीने में दर्द की शिकायत है तथा चेहरे और आंख पर चोट के निशान मौजूद हैं। परिजनों ने बताया कि एसएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के बाद वे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे
।,,महिला के अधिवक्ता अजीत कुमार ने कहा कि पेशी के दौरान महिला के शरीर और आंख पर चोट के निशान स्पष्ट दिखाई दे रहे थे, जबकि प्रारंभिक चिकित्सकीय रिपोर्ट सामान्य बताई गई थी। उनका कहना है कि पैनल द्वारा किए गए परीक्षण में चोटों का उल्लेख किया गया है। उन्होंने प्रारंभिक चिकित्सकीय परीक्षण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं।
,,वहीं, सहायक पुलिस आयुक्त हरिपर्वत, अमीषा सिंह ने बताया कि प्रारंभिक चिकित्सकीय रिपोर्ट और पैनल द्वारा किए गए परीक्षण की रिपोर्ट में कोई विशेष अंतर नहीं है। उन्होंने महिला द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों को निराधार बताया है।
