SBI रिसर्च ने LTCG टैक्स खत्म करने, छूट सीमा 2 लाख रुपये करने और STT में 50% बढ़ोतरी के सुझाव दिए हैं। जानिए निवेशकों को कैसे मिल सकती है राहत।
- बाजार में कमजोर रिटर्न से घट सकती है LTCG टैक्स की कमाई
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्या कहा?
- LTCG टैक्स में राहत के लिए SBI रिसर्च के 3 सुझाव
- 1. टैक्स फ्री निवेश की सीमा 1.25 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये हो
- 2. लंबे समय तक निवेश रखने वालों को कम टैक्स
- 3. STT में 50 फीसदी बढ़ोतरी का सुझाव
- सरकार के सामने राजकोषीय घाटे की चुनौती
- क्या अभी खत्म हो गया है LTCG टैक्स?
नई दिल्ली। शेयर बाजार और इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के लिए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स को लेकर राहत भरी चर्चा सामने आई है। SBI रिसर्च की 2 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर केंद्र सरकार LTCG टैक्स खत्म करने का फैसला करती है तो वित्त वर्ष 2027-28 में सरकारी खजाने को करीब 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है।
रिपोर्ट का आकलन है कि कमजोर शेयर बाजार रिटर्न और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते LTCG टैक्स से सरकार की संभावित कमाई पहले ही घट रही है। ऐसे में टैक्स खत्म करने का वित्तीय असर वित्त वर्ष 2024-25 में हुई करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये की कमाई के मुकाबले काफी कम हो सकता है। हालांकि, फिलहाल सरकार ने LTCG टैक्स खत्म करने का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है।
बाजार में कमजोर रिटर्न से घट सकती है LTCG टैक्स की कमाई
SBI रिसर्च के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में शेयर बाजार ने करीब 30 फीसदी का रिटर्न दिया था। मजबूत बाजार के कारण निवेशकों ने मुनाफा बुक किया और सरकार को LTCG टैक्स से लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये का राजस्व मिला।
लेकिन अब बाजार की स्थिति पहले जैसी नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 से वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान निफ्टी का औसत रिटर्न करीब 0.5 फीसदी रहा है। इसी अवधि में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय बाजार से लगभग 4.8 लाख करोड़ रुपये की निकासी की है।
SBI रिसर्च का अनुमान है कि LTCG टैक्स से सरकार को वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 1 लाख करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2026-27 में लगभग 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये की कमाई हो सकती है। इसी आधार पर रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2027-28 में टैक्स खत्म करने से होने वाले संभावित राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्या कहा?
LTCG टैक्स में राहत की मांग के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी शेयर बाजार के निवेशकों और विदेशी निवेशकों की चिंताओं पर प्रतिक्रिया दी है।
मुंबई में आयोजित Financial Express Leadership Awards 2026 के दौरान उन्होंने कहा कि रिटेल निवेशकों और इक्विटी बाजार से जुड़े लोगों की चिंताओं को समझा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2023-24 में टैक्स व्यवस्था लगभग ऐसी ही थी, लेकिन उस समय विदेशी निवेश का प्रवाह मजबूत था। मौजूदा परिस्थितियों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ी है।
वित्त मंत्री ने निवेशकों की चिंताओं पर विचार करने की बात कही, लेकिन LTCG टैक्स में कटौती या इसे पूरी तरह खत्म करने का कोई वादा नहीं किया।
LTCG टैक्स में राहत के लिए SBI रिसर्च के 3 सुझाव
SBI रिसर्च ने सरकार के सामने LTCG टैक्स को लेकर तीन प्रमुख विकल्प रखे हैं। इनका उद्देश्य निवेशकों को राहत देना और सरकार के राजस्व पर पड़ने वाले असर को संतुलित करना है।
1. टैक्स फ्री निवेश की सीमा 1.25 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये हो
फिलहाल पात्र इक्विटी शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड से एक साल से अधिक की होल्डिंग के बाद होने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर सालाना 1.25 लाख रुपये तक की छूट मिलती है।
SBI रिसर्च ने इस सीमा को बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने का सुझाव दिया है। साथ ही, भविष्य में महंगाई के अनुसार इस छूट सीमा में बदलाव करने की बात भी कही गई है।
2. लंबे समय तक निवेश रखने वालों को कम टैक्स
रिपोर्ट में निवेश की अवधि के आधार पर अलग-अलग LTCG टैक्स दरें लागू करने का सुझाव दिया गया है।
- 1 से 2 साल तक निवेश: 12.5 फीसदी टैक्स।
- 2 से 3 साल तक निवेश: 5 फीसदी टैक्स।
- 3 साल से अधिक निवेश: LTCG टैक्स शून्य करने का प्रस्ताव।
इस प्रस्ताव का मकसद लंबे समय तक निवेश बनाए रखने वाले निवेशकों को प्रोत्साहित करना है। ये SBI रिसर्च के सुझाव हैं, मौजूदा लागू टैक्स नियम नहीं।
3. STT में 50 फीसदी बढ़ोतरी का सुझाव
SBI रिसर्च ने LTCG टैक्स में राहत के साथ सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में 50 फीसदी बढ़ोतरी का विकल्प भी सुझाया है।
रिपोर्ट के अनुमान के मुताबिक, STT में इतनी बढ़ोतरी से वित्त वर्ष 2027-28 में सरकार को करीब 45,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई हो सकती है। इस रकम से LTCG टैक्स में राहत देने के कारण होने वाले संभावित राजस्व नुकसान की भरपाई करने में मदद मिल सकती है।
सरकार के सामने राजकोषीय घाटे की चुनौती
LTCG टैक्स में बदलाव का फैसला लेते समय सरकार को राजकोषीय घाटे और खर्चों का भी ध्यान रखना होगा।
SBI रिसर्च के अनुमान के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा बजट में तय GDP के 4.3 फीसदी के लक्ष्य से बढ़कर 4.7 फीसदी तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट में इसके पीछे एक्साइज ड्यूटी में कटौती और खाद व पेट्रोलियम सब्सिडी पर बढ़ते खर्च को प्रमुख वजह बताया गया है।
ऐसे में सरकार के सामने निवेशकों को राहत देने और राजस्व संतुलन बनाए रखने की चुनौती होगी। SBI रिसर्च का मानना है कि LTCG टैक्स में बदलाव के साथ STT बढ़ाने जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।
क्या अभी खत्म हो गया है LTCG टैक्स?
नहीं। अभी LTCG टैक्स खत्म करने का कोई सरकारी फैसला घोषित नहीं हुआ है। SBI रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में टैक्स हटाने और उसमें बदलाव के विकल्प सुझाए हैं। वित्त मंत्री ने निवेशकों की चिंताओं पर विचार करने की बात कही है, लेकिन किसी निश्चित राहत की घोषणा नहीं की है।
इसलिए शेयर बाजार में निवेश करने वालों को प्रस्तावित बदलावों को मौजूदा टैक्स नियम मानकर निवेश या टैक्स प्लानिंग नहीं करनी चाहिए। अंतिम निर्णय सरकार की आधिकारिक घोषणा और लागू नियमों के बाद ही स्पष्ट होगा।
