इस्लामाबाद/नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा उठाए गए कठोर कदमों से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। भारत ने न केवल 1960 के सिंधु जल समझौते को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है, बल्कि कई अन्य सख्त फैसले भी लिए हैं, जिसके बाद पाकिस्तान बुरी तरह से बौखला गया है। इस स्थिति को देखते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार को राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। वहीं, पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को ‘गैर-जिम्मेदाराना’ कदम उठाने पर जवाब देने की धमकी दी है।
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पाकिस्तानी चैनल हम न्यूज के साथ एक साक्षात्कार में रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा, “अगर हिंदुस्तान की तरफ से कोई दबाव या हमला होता है, तो मैं इसे दुर्भाग्यपूर्ण कहूंगा, लेकिन हम उसका जवाब देंगे। इसमें किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए।” उन्होंने 2019 में भारतीय वायुसेना के बालाकोट हवाई हमले का जिक्र करते हुए कहा, “आपको याद होगा कि पिछली बार जब हमारी हवाई सीमा का उल्लंघन किया गया था, तो हमने जो जवाब दिया था, वह आज भी सबको याद है। मैं अभी कोई भी अंदाजा लगाकर कुछ भी बोलना नहीं चाहूंगा। लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि भारत सर्जिकल स्ट्राइक जैसा कोई गैर-जिम्मेदाराना कदम नहीं उठाएगा।”
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जब उनसे यह पूछा गया कि यह हमला ऐसे समय में हुआ जब अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भारत में मौजूद थे, तो इसका फायदा किसे हो सकता है? इस सवाल का सीधा जवाब देने से बचते हुए ख्वाजा आसिफ ने कहा कि इस मामले को विदेश मंत्रालय देख रहा है, इसलिए वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने कश्मीर में भारतीय सेना की भारी तैनाती का जिक्र करते हुए कहा, “7 लाख से ज्यादा फौज कश्मीर में भारत की है। कोई उनसे पूछे कि भारत की फौज वहां क्या कर रही है।”
शहबाज शरीफ ने बुलाई राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक
पहलगाम हमले के बाद भारत की कड़ी प्रतिक्रिया को देखते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार को राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। इस बैठक में भारत के हालिया कदमों और आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने इस बैठक की पुष्टि की है।
पहलगाम हमले में गई 26 लोगों की जान, भारत ने उठाए 5 बड़े कदम
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद भारत ने त्वरित और कठोर कार्रवाई का रुख अपनाया है। बुधवार शाम को प्रधानमंत्री आवास पर हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की उच्च-स्तरीय बैठक में पाकिस्तान के खिलाफ पांच बड़े और कड़े फैसले लिए गए, जिनकी घोषणा विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। ये पांच फैसले इस प्रकार हैं:
- ऑटारी बॉर्डर चेक पोस्ट बंद: भारत और पाकिस्तान के बीच स्थित ऑटारी बॉर्डर चेक पोस्ट को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है, जिससे दोनों देशों के बीच सीमित आवाजाही भी पूरी तरह से रुक गई है।
- पाकिस्तान में भारतीय दूतावास बंद: भारत ने पाकिस्तान में स्थित अपने दूतावास को बंद करने का निर्णय लिया है, जो दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में एक बड़ा बदलाव है।
- सिंधु जल समझौता स्थगित: भारत ने 1960 में हुए सिंधु जल समझौते को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है, जिसका पाकिस्तान की कृषि और अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।
- पाकिस्तानी राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश: भारत में मौजूद सभी पाकिस्तानी राजनयिकों को अगले 48 घंटों के भीतर देश छोड़ने का सख्त आदेश दिया गया है।
- पाकिस्तानियों को वीजा पर प्रतिबंध: भारत ने अब पाकिस्तान के किसी भी नागरिक को वीजा जारी नहीं करने का फैसला किया है।
भारत के इन सख्त कदमों से पाकिस्तान पर दबाव काफी बढ़ गया है और अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि पाकिस्तान इस स्थिति पर क्या प्रतिक्रिया देता है।
Dharmender Singh Malik
Editor in Chief of Agra Bharat Hindi Dainik Newspaper
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