किरावली। आगरा पुलिस कमिश्नरेट बेहतर पुलिसिंग और तत्काल कार्रवाई का दावा करता है, लेकिन महुअर गांव में हुई दबंगई की घटना के बाद वायरल हुए एक मिनट नौ सेकंड के वीडियो ने किरावली पुलिस की तत्काल कार्रवाई की कलई खोल दी। वीडियो में गाली-गलौज के बीच दो दर्जन से अधिक युवकों की भीड़ में कुछ ईंट-पत्थर फेंकती और बाइक में तोड़फोड़ करती दिखाई दे रही है।गली में भय का माहौल दिखाई दे रहा है,वीडियो में दबंगों का कोई विरोध करता नहीं दिख रहा है, पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के बाद चोटिल युवक तत्काल थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उनका चिकित्सकीय परीक्षण तक नहीं कराया। मामले में शुक्रवार को पीड़ित ने पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से शिकायत कर मुकदमा दर्ज कराने, घायलों का मेडिकल कराने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों में पत्थरबाजी हुई और शुक्रवार को पांच लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई है।लेकिन किरावली की हाइटेक पुलिस डिजिटल साक्ष्य सामने आने के बाद आरोपियों की पहचान कर प्रभावी कार्यवाही नहीं कर सकी है।
महुअर गांव निवासी पप्पू ने पुलिस आयुक्त को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि गुरुवार शाम करीब साढ़े सात बजे उनका नाबालिग बेटा सचिन अपनी दादी के साथ गांव में डॉक्टर के पास दवा लेने गया था। डॉक्टर के बारे में वहां मौजूद कुछ लोगों से पूछने पर विवाद हो गया। आरोप है कि इसके बाद कुछ लोगों ने सचिन के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। पीड़ित ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किए जाने का भी आरोप लगाया है।सचिन की आवाज सुनकर आदित्य, संदीप और राकेश उसे बचाने पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है। पीड़ित पक्ष के मुताबिक घटना में मौके पर खड़ी मोटरसाइकिल भी क्षतिग्रस्त कर दी गई। मारपीट में चार लोगों के चोटिल होने की बात कही गई है।
वायरल वीडियो में पत्थरबाजी और तोड़फोड़ ,घटना का वायरल वीडियो एक मिनट नौ सेकंड का बताया जा रहा है। इसमें गली में बड़ी संख्या में युवक दिखाई दे रहे हैं। कुछ युवक ईंट-पत्थर फेंकते और बाइक में तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में माहौल तनावपूर्ण दिखाई देता है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पत्थरबाजी के चलते लोगों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए और उन्होंने छिपकर जान बचाई।
थाने पहुंचने के बाद भी मेडिकल नहीं कराने का आरोप :पप्पू का आरोप है कि घटना के बाद वह घायल परिजनों के साथ किरावली थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं किया और घायलों का चिकित्सकीय परीक्षण भी नहीं कराया। शुक्रवार को पुलिस आयुक्त से शिकायत कर उन्होंने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की।“एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से पत्थरबाजी हुई थी। पांच लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। मामले में लगाए गए अन्य आरोपों और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है।
